मेरा साया !!
हवा में आवाज़ ढूंढ़ता, परछाई में राज ढूंढ़ता
तन्हाई का मतलब पूछे, मंजिल में आगाज़ ढूंढ़ता
मेरा साया !!
परिभाषा की भाषा सोचे, आशा और निराशा सोचे
अंतर और निरंतर सोचे, क्यों सोचे है यह भी सोचे
मेरा साया !!
परिवर्तन की आस लगाये, बीती भूलों पर पछताये
सपनों के तारांकित आकाश में, अपना सूरज ढूँढने जाए
मेरा साया !!
वही मंत्रणा , वही छलावा, वही पुनारुक्त तृष्णा और माया
सब पे हँसता , सब को सहता, आगे बढ़ता
मेरा साया !
